‘डांडिया किंग’ नैतिक नागदा आज के युवाओं के लिए हैं इंस्पिरेशन !

गरबा और डांडिया एक ऐसा भारतीय नृत्य जिसे सिर्फ गुजराती ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान के लोग दिल खोल कर एन्जॉय करते हैं लेकिन अगर डांडिया प्रेमियों से ये पुछा जाये कि किस के ढोल पर नाचने में उन्हें सबसे ज्यादा मज़ा आता है तो सब कि जुबान पर एक ही नाम होगा – नैतिक नागदा
5 साल कि छोटी सी उम्र से ही ढोल बजाने वाले नैतिक नागदा टेलीविज़न रियलिटी शो एम् टी वी रॉक ऑन के विजेता हैं आज पूरा हिंदुस्तान उन्हें ‘डांडिया किंग’ के नाम से जानता है. नैतिक के नवरात्रि कार्यक्रमों में ऑडियंस का ताबड़तोड़ हुजूम देखने को मिलता है. उनके बैंड ‘रॉक ऑन बीट्स’ की धुनों पर युवा क्रेज़ी हो जाते हैं. आज नैतिक लाइव ऑडियंस शोज में निसंदेह नंबर वन बन चुके है लेकिन नैतिक के लिए फर्श से अर्श तक का ये सफर इतना आसान नहीं था.
नैतिक बहुत छोटे ही थे  जब उनके पिता जी का देहांत हो गया. बचपन के अठखेलियों के दिनों में ही नैतिक पर जिम्मेदारियां आ गयी. उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही शो करने शुरू कर दिए.
“जब में बहुत छोटा था तो अपने सर पर बजाता था उसके बाद मैंने डब्बा बाटली जैसे घर पर रखे बर्तन बजने शुरू किये. घर वाले पहले तो परेशान हुए लेकिन फिर उन्हें भी धीरे धीरे मेरी म्यूजिक के प्रति दिलचस्पी नज़र आने लगी. उस समय कल्याण जी आनंद जी का शो ‘लिटिल वंडर्स’ चलता था जिसमें मैंने 7 साल कि उम्र में बजाना शुरू किया. तब मुझे शो करने के 250 रुपये मिलते थे.”
8  साल के नैतिक के सामने जैसा भी और जहाँ भी मौका मिलता वो परफॉर्म करने चले जाते.
“मै 8 साल का था तब से ढोल बजा रहा हूँ पहले ट्रैन में लोकल डब्बो में माल गाडी में जा कर मैंने परफॉर्म किया है क्यों कि तब परिस्थिति ही ऐसी थी.”
नैतिक के लिए कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं था. नैतिक जहाँ भी जाते लोग उन्हें बहुत पसंद करते. धीरे धीरे मुंबई के कई आयोजक उन्हें अपने साथ कार्यक्रमों में ले जाने लगे. लेकिन अभी भी नैतिक के दिल में कुछ कर दिखाने का जूनून एक सही मौके का इंतज़ार कर रहा था
साल 2009 में  एक दिन उन्हें पता चला कि एम् टी वी एक म्यूजिक पर रियलिटी शो बनाने जा रहा है. जिसमें ऑडिशन देने कि नैतिक को बिलकुल भी दिलचस्पी नहीं थी लेकिन उनकी दोस्त इशिता ( अब उनकी वाइफ) ने उन्हें जिद करके ऑडिशन के लिए भेज दिया. नैतिक शो के लिए सेलेक्ट हो गए. शो में कैलाश खेर ने उनकी बहुत तारीफ़ की. नैतिक शो जीते भी और उसके बाद कैलाश खेर ने उन्हें अपने बैंड का हिस्सा भी बना दिया
उसके बाद नैतिक ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. उन्होंने ‘रॉक ऑन बीट्स’ के नाम से अपना खुद का बैंड शुरू किया. व्हील ड्रम, ट्रैश कैन, माउथ परकशन, पाइप ड्रम  जैसे कई नए तरह के यूनिक एक्ट अपने बैंड में प्रस्तुत किये. मुंबई में होने वाली नवरात्रि पर उनके बीट्स में थिरकने के लिए रिकॉर्ड-तोड़ भीड़ होने लगी. नैतिक को लोग डांडिया किंग के नाम से जानने लगे
आज नैतिक लाइव म्यूजिक इंडस्ट्री में जाना माना नाम बन चुके हैं और म्यूजिक को ही सब कुछ मानते है.
“म्यूजिक एक म्यूजिशियन से पूछे तो उसकी रग-रग में बहता खून है. हवा में भी म्यूजिक है हम बात कर रहे है उसमे भी म्यूजिक है. और अगर हम खामोश है तो उस ख़ामोशी में भी उतना ही म्यूजिक है म्यूजिक  सब कुछ है.”
आज के युवाओ को नैतिक कभी हिम्मत न हारने की ही बात कहते हैं.
” मै आज जहाँ भी पहुंचा हूँ मुझे यहाँ पहुँचने में 20 साल लग गए. बहुत मुश्किलें आयी लेकिन कभी हार नहीं मानी और खुद पर विश्वास रखा.”
बता दें की इस साल नैतिक नागदा नवरात्रि के मौके पर ‘ठाणे’ महाराष्ट्र में परफॉर्म करेंगे. जिसमें वह इस बार स्पेनिश भाषा के गानों का डांडिया वर्ज़न अपने फेन्स के लिए लेकर आएंगे.